सोनौली:इंडोनेपाल बार्डर से आवागमन को पुनः बहाल करने हेतू व्यावसायिक संगठनों ने भरी हुंकार
सोनौली/महराजगंज: विगत आठ महीनों से ठप्प हो चुके भारत-नेपाल के बीच आवागमन को पुनः बहाल करने हेतू कस्बे के विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों ने आज सरहद पर हुंकार भरी। उद्योग व्या.प्र.मंडल के तहसील अध्यक्ष सुबास चंद्र जायसवाल ने बताया कि कोविड-19 के प्रकोप से जूझ चुका पूरा विश्व धीरे धीरे अपने सामान्य सामाजिक गतिविधियों की तरफ़ अग्रसर होता दिख रहा है,तो वहीं दूसरी तरफ इंडोनेपाल सीमा के प्रमुख व्यावसायिक कस्बा सोनौली,नौतनवां, बेलहिया व भैरहवाँ आज भी दिनोंदिन टूट रहे व्यापारिक गतिविधियों में भूखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं,जबकि ट्रांसपोर्ट एवं कस्टम क्लियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि अब इंडोनेपाल सीमा पर कोरोनाकाल में व्याप्त हो चुकी समस्याओं से बाहर से आने वाले मालवाहक ट्रकों की संख्या दिनों दिन गिरती जा रही है।आलम यह है कि दिहाड़ी के मजदूरों के समक्ष खाने के लाले पड़ चुके है,जिससे कामगार वर्ग का एक बड़ा तबका औद्योगिक शहरों की तरफ पलायन करने को मजबूर हो चुका है।सीमा से आवाजाही पूर्व की तरह बहाल नहीं हुई तो वह दिन दूर नहीं जब मित्र राष्ट्रों के उक्त व्यावसायिक कस्बे अपनी पहचान खो देंगे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे एसोसिएशन के संरक्षक सुरेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि नेपाल सरकार को मित्र राष्ट्रों के रोटी-बेटी के संबंधों को मद्देनजर रखते हुए इंडोनेपाल सीमा को पूर्व की तरह सामान्य बनाने हेतू अविलंब निर्णय लेने चाहिए। इस मौके पर मुख्य रूप से संजीव जायसवाल,सूरज गुप्ता,वकील अहमद,पुनीत अग्रहरि,मो.शानू, प्यारेलाल यादव, दिनेश जायसवाल,यीशू मद्देशिया,संजय, विपिन, राकेश, विकास सहित दर्जनों व्यापारी एवं आमजन उपस्थित रहे।
संवाददाता:दिलशाद अली


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